मऔ शखल : यह म तमहर लए यह लख रह ह मससम और मरय गरजय वसतवक और सहतयक जवन दन म एक यगल ह, और व सभ क लए बन उनक उमर क परवह कए कथ-सहतय लखन पसद करत ह यह वचर उनक दवर अपन बचच क लए बनई गई कहनय क पसतक म बदलन क वचर क सथ उतपनन हआ थ
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